Anubhav
Friday, September 16, 2011
इतने दिन अमेरिका में था तो महंगाई के दर्शन नहीं हुए ,यहाँ आते ही बाल खड़े हो गए .
Monday, September 5, 2011
आँखों में ग्लिसरीन लगा रहे हो ,क्या किसी शोक सभा में जा रहे हो .
"चरण"
Sunday, September 4, 2011
बोलो तुमसे क्या बातें करें ,तुम्हे तो केवल लाशें गिनने की आदत है .
"चरण"
Saturday, September 3, 2011
पिछले दिनों
कविता के छेत्र में
हमने कुछ ऐसे बीज बोये
कि
हमारी हास्य रस कि कविता पर
श्रोता फूट फूट रोये .
"चरण"
मचा हुआ है आजकल हल्ला चारों ओर
अमिताभ को सौंफिये राजनीती की डोर
राजनीती की डोर सभी को खुश कर देगा
मार मार विरोधियों का भुस भर देगा .
"चरण"
पता नहीं अब ऊंट किस करवट बैठेगा
"चरण"
Friday, September 2, 2011
तुम हमें खून दो ,हम तुम्हे सर्तिफिकेट देंगे .
"चरण"
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)